शोध आलेख आपके शोध को प्रसारित करने के लिये ओर प्रकाशन के लिये सबसे कुशल साधन है , इसको शोध के समालोचना के रुप मे भी लिखा जा सकता है , शैक्षणिक जीवन के क्षेत्र जैसे कि रोजगार प्राप्त करना ओर एक शोध अनुदान जितना भे एक बहुत बढिया प्रकाशन पर निर्भर करता है , आलेख मुख्य रुप से जानकारी पूर्ण होते है जो कि शोध को सामान्य रुप से सम्बोधित करते है जिसमे कि शोध समस्या, शोध विधि , शोध चरण , शोध आलेख , आदि शामिल रहते है

शोध आलेख विशेष रुप से यह एक सहकर्मी के रुप मे जाना जाता है , वैज्ञानिक या चिकित्सा द्वारा पत्रिका मे प्रकाशित हुआ , शोध आलेख चार प्रकार के होते है

  1. अर्थ प्रकाशक
  2. वर्णात्मक
  3. प्रेरक
  4. कथा

अर्थ प्रकाशक

इस प्राकार के शोध लेख जिस मे शोध के कार्यो को ओर उसके अर्थ को स्पष्ट को अच्छे से प्रकाशित किया गया हो , ओर विशेष रुप से शोध के अर्थ पर बल दिया जाता है

वर्णात्मक

इस मे विशेष रुप से शोध के बारे मे वर्णित किया जाता है कि शोध क्या है है ओर कैसे करना है , ओर शोध विधि को प्रदर्शित किया जाता है , शोध को वर्णन के द्वारा समझाया जाता है

प्रेरक

शोध कार्य मे प्रेरक शोध के अपने लोगो को आसपास लाने का प्रयास करता है , जिससे कि लोग उस से प्रभावित भी होते है , ओर प्रेरित भी कराता है

कथा

इस शोध मे चरित्र ओर सम्वाद होते है जिससे कि लोग बहुत जल्दी इस शोध को समझकर शोध को बहुत अच्छे से करते है , शोध अपने आप मे एक विसतृत प्रक्रिया है जो कि पूर्ण रुप से वैज्ञानिक है

आलेख को लिखने के चरण

परिचय

यह विचारो का महत्व , मओलिकता , लिखन कि गुणवत्त सबसे महत्व पूर्ण मानदंड है

लेख लिखना

इसमे मुख्य रुप से परिचय , विधि , चर्चा , परिणाम शामिल है

पाठ को परिष्कृत करना

धोफ्ह को प्रकाशित करने के लिये अन्य विशेषज्ञ द्वारा अवलोकन किया जायेगा कि आपका लेख प्रकाशित करने योग्य है अथवा नही

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